सरकारी स्कूल में CJP सदस्य को प्रवेश से रोका,प्रिंसिपल का सख्त रुख वायरल
कालाढूंगी । कालाढूंगी के एक सरकारी स्कूल का वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो और उससे जुड़े सोशल मीडिया दावों के अनुसार, स्कूल में ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत निरीक्षण करने पहुंचे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के एक सदस्य को स्कूल के प्रधानाचार्य ने बिना अनुमति और पहचान पत्र के परिसर में प्रवेश देने से इनकार कर दिया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस भी हुई।
सोशल मीडिया पर सामने आई जानकारी के मुताबिक, CJP सदस्य स्कूल का वीडियो बनाने और व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने के उद्देश्य से परिसर में प्रवेश करना चाहता था। प्रधानाचार्य ने उससे पहले आधिकारिक पहचान पत्र और स्कूल में प्रवेश की अनुमति मांगी। प्रधानाचार्य का कहना था कि विद्यालय परिसर में छात्र-छात्राएं मौजूद रहते हैं, ऐसे में किसी भी बाहरी व्यक्ति को बिना पहचान और अनुमति के अंदर आने की इजाजत नहीं दी जा सकती।
वायरल वीडियो से जुड़े दावों के अनुसार, पहचान पत्र मांगे जाने पर CJP सदस्य की ओर से अपने जनरेशन-जेड से होने का हवाला दिया गया। इसके बाद बातचीत ने बहस का रूप ले लिया। आरोप है कि CJP सदस्य स्कूल के अंदर जाने की कोशिश कर रहा था, जिस पर प्रधानाचार्य ने सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए सख्त रुख अपनाया।
प्रधानाचार्य ने कथित तौर पर स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति बिना अनुमति स्कूल परिसर में प्रवेश करता है तो पुलिस को सूचना दी जाएगी। इसके बाद संबंधित व्यक्ति को स्कूल में प्रवेश नहीं दिया गया और वह वापस लौट गया।
सोशल मीडिया पर प्रिंसिपल की हो रही तारीफ
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बड़ी संख्या में यूजर्स प्रधानाचार्य के रुख की सराहना कर रहे हैं। सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि स्कूल जैसे संवेदनशील परिसर में सुरक्षा और अनुशासन से समझौता नहीं होना चाहिए। वहीं, कुछ यूजर्स का यह भी कहना है कि किसी भी संगठन या अभियान से जुड़े लोगों को निरीक्षण अथवा वीडियो रिकॉर्डिंग से पहले विद्यालय प्रशासन की अनुमति और निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना चाहिए।
बताया जा रहा है कि यह मामला CJP की ओर से चलाए जा रहे ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान से जुड़ा है। इस अभियान के तहत सरकारी स्कूलों की व्यवस्थाओं और सुविधाओं को लेकर सोशल मीडिया पर निरीक्षण और ऑडिट किए जाने का दावा किया जा रहा है।
हालांकि, वायरल वीडियो में किए जा रहे दावों और घटना के सभी पहलुओं की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि सामने आना अभी बाकी है। ऐसे में सोशल मीडिया पर प्रसारित दावों को फिलहाल उसी संदर्भ में देखा जाना जरूरी है।
स्कूल की इस घटना ने एक बार फिर सरकारी स्कूल परिसरों में बाहरी लोगों के प्रवेश, विद्यार्थियों की सुरक्षा और निरीक्षण के लिए निर्धारित प्रशासनिक प्रक्रिया को लेकर चर्चा छेड़ दी है।
