शिक्षक संघ के चुनावी प्रक्रिया पर उठे सवाल,संविधान की हुई चुनाव में अवहेलना – माजिला
देहरादून। उत्तराखंड राज्य शिक्षक संघ का चुनाव भले ही संपन्न हो गया हो लेकिन चुनाव को लेकर आरोप प्रत्यारोप को दौर खत्म होने की बजाय अब भी ज्यादा शुरू हो गया है,राजकीय शिक्षक संघ के चुनाव में प्रांतीय अध्यक्ष पद पर चुनाव में करारी हार मिलने को लेकर सोहन सिंह माजिला ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों और शिक्षक संघ के कुछ जिला अध्यक्षों पर चुनाव प्रभावित करने के आरोप लगाए हैं, शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर माजिला ने आरोप लगया है कि राजकीय शिक्षक संघ के संविधान के विपरीत ब्लॉक स्तर की बजाय चुनाव जिला स्तर पर कराया जाना गलत है,क्योंकि संविधान में स्पष्ठ उल्लेख है कि शिक्षक संघ के लिए चाहिए ब्लॉक स्तर,मडल स्तर हो या फिर प्रांतीय स्तर पर चुनाव हो मतदान केंद्र प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर ही बनाया जाएगा,लेकिन विभाग ने ऐसा नहीं किया जो कि राजकीय शिक्षक संघ के संविधान के खिलाफ है,पहले विभाग के द्वारा नामांकन प्रकिया पूरी करा ली गयी,उसके बाद चुनाव जिला स्तर पर कराने का आदेश निकाला गया,जो कि पूरी तरह से गलत है। चुनाव जिला स्तर पर होने से कई शिक्षक मतदाता की प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बन सके।
कई जिला अध्यक्षों पर भी उठाए सवाल
सोहन सिंह माजिला का कहना है कि वह चुनाव हार उन्हें इस बात का मलाल नहीं है,लेकिन चुनाव कराने में जहां विभागीय अधिकारियों ने संविधान का ख्याल नहीं रखा तो वहीं कई जिला अध्यक्षों ने अपनी मर्यादाओं का भी ख्याल नहीं रखा। जिन जिला अध्यक्षों की भूमिका चुनावी प्रक्रिया संपन्न कराने में महत्वपूर्ण थी,उन्ही में से कुछ जिला अध्यक्ष मंच से खुले तौर पर उम्मीदवारों का प्रचार करते नजर आ रहे थे,जो कि गलत है। माजिला का कहना है कि एक प्रत्याक्षी को विशेष लाभ दिलाने के लिए चुनाव में प्रवेक्षक नियुक्त नहीं किए गए,जबकि पूर्व में चुनाव में पर्यवेक्षक नियुक्त किए जाते थे,कि चुनाव में धांधली न हों,यहां तक कि जनपद पौड़ी में कुछ उम्मीदवारो को फायदा पहुंचाने के लिए जिले में कोटद्वार व पौड़ी दो स्थलों पर मतदान कराया गया। फिर ये सुविधा अन्य जनपदों में ये क्यों नहीं दी गयी।
