हल्द्वानी में सीएम धामी ने दिखाई छह नई सिटी बसों को हरी झंडी, डेमोग्राफिक बदलावों पर जताई सख्त चिंता
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इन दिनों कुमाऊं के दौरे पर हैं। मंगलवार, 14 अक्टूबर को उन्होंने नैनीताल जिला मुख्यालय हल्द्वानी पहुँचकर विकास कार्यों की समीक्षा की और कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
सिटी बस सेवा की शुरुआत – आमजन को मिलेगी बेहतर सुविधा
हल्द्वानी में सीएम धामी ने छह नई सिटी बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये बसें शहर के विभिन्न रूटों पर चलाई जाएंगी, जिससे लोगों को सस्ती, सुलभ और सुरक्षित परिवहन सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से न केवल यातायात व्यवस्था को राहत मिलेगी, बल्कि प्रदूषण में भी कमी आएगी और ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, सिटी बस सेवा को चरणबद्ध तरीके से शहर के प्रमुख मार्गों पर शुरू किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और स्थानीय नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा।
डेमोग्राफिक बदलावों को लेकर सीएम सख्त
हल्द्वानी दौरे के दौरान सीएम धामी ने राज्य की जनसंख्या संरचना (डेमोग्राफिक पैटर्न) को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और जनसंख्या संतुलन के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है, और यहां की सामाजिक-सांस्कृतिक संरचना को किसी भी कीमत पर नहीं बिगड़ने दिया जाएगा। विशेष रूप से देहरादून के पछवादून क्षेत्र और अन्य जिलों में हो रहे डेमोग्राफिक बदलावों पर उन्होंने सख्त रुख अपनाया।
जिलाधिकारियों को दिए निगरानी के निर्देश
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने जिलों में डेमोग्राफिक पैटर्न पर कड़ी निगरानी रखें।
उन्होंने यह भी कहा कि:
- राशन कार्ड, आधार कार्ड, बिजली कनेक्शन और परिवार रजिस्टर जैसे दस्तावेजों के आधार पर अपात्र लोगों की पहचान की जाए।
- जो लोग गलत तरीके से सरकारी योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
कांग्रेस सरकारों पर निशाना
सीएम धामी ने इस दौरान पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकारों की लापरवाही के चलते कुछ क्षेत्रों में जनसंख्या असंतुलन की स्थिति बनी। लेकिन अब वर्तमान सरकार किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरतेगी और पूरी सख्ती से कदम उठाएगी।
सरकार की प्राथमिकता: सांस्कृतिक पहचान और संतुलन की रक्षा
मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि राज्य की सांस्कृतिक पहचान की रक्षा और जनसंख्या संतुलन बनाए रखना अब सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस दिशा में सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे और राज्य की पहचान को सुरक्षित रखा जाएगा।
