पंत विवि में इंजीनियरिंग अंतिम सेमेस्टर का परीक्षा पत्र लीक, दो कर्मियों को हटाया गया, पुनः परीक्षा कराने के आदेश
पंतनगर स्थित गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के प्रौद्योगिकी महाविद्यालय में इंजीनियरिंग अंतिम सेमेस्टर की परीक्षा के दौरान बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। 20 मई से 3 जून 2025 तक आयोजित इन परीक्षाओं के दौरान कुछ प्रश्नपत्र लीक हो गए थे। मामले के प्रकाश में आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले को गुपचुप ढंग से गंभीरता से लिया और जांच के आदेश दिए। जांच पूरी कर रिपोर्ट डीन, प्रौद्योगिकी महाविद्यालय को सौंप दी गई है।
सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में संदेह के आधार पर दो संविदा कर्मियों को सेवा से हटा दिया गया है। हालांकि, अभी तक मुख्य आरोपितों की न तो पहचान सार्वजनिक की गई है और न ही उन पर कोई ठोस कार्रवाई हुई है। बताया जा रहा है कि प्रश्नपत्र लीक के एवज में कुछ छात्रों से नगद और ऑनलाइन माध्यम से पैसे वसूले गए।
यह मामला तब सामने आया जब इंजीनियरिंग के कुछ छात्रों ने पेपर लीक होने की आशंका जताते हुए डीन को एक लिखित शिकायत दी, जिसे कुलपति को संबोधित किया गया था। इस पर डीन डॉ. एस.एस. गुप्ता ने स्नातकोत्तर महाविद्यालय के डीन डॉ. लोकेश वार्ष्णेय की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की, जिसने करीब दो सप्ताह पहले अपनी रिपोर्ट सौंप दी है।
जांच रिपोर्ट में अनुशंसा के आधार पर विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक ने शनिवार को एक आदेश जारी कर मैकेनिकल इंजीनियरिंग के द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ वर्ष के बैकलॉग विषयों की कम्पार्टमेंट परीक्षाएं रद्द कर दी हैं। डीन को निर्देश दिए गए हैं कि इन परीक्षाओं को दोबारा आयोजित किया जाए।
इस निर्णय से विश्वविद्यालय के कई पूर्व छात्र प्रभावित होंगे, जिन्हें अब फिर से परीक्षा में शामिल होना पड़ेगा। पेच यह भी है कि जिन परीक्षाओं के पेपर लीक हुए थे, उनके परिणाम जुलाई में जारी हो चुके हैं और कई विद्यार्थी अब विश्वविद्यालय से बाहर जा चुके हैं।
मामले की गंभीरता के बावजूद कुलपति का कहना है कि यह प्रकरण अभी तक उनके संज्ञान में नहीं है। इससे विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। विश्वविद्यालय में इस घटनाक्रम को लेकर हड़कंप मचा हुआ है और जिम्मेदार अधिकारी अब इस मुद्दे पर बोलने से बच रहे हैं।
