भाजपा ने जिला पंचायतों में बहुमत के लिए कसी कमर, निर्दलियों को साधने की कवायद तेज
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के परिणाम आने के बाद अब सत्तारूढ़ भाजपा ने सभी 12 जिलों में जिला पंचायतों पर वर्चस्व स्थापित करने की रणनीति पर काम तेज कर दिया है। चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशियों के बाद भाजपा ने सबसे अधिक सीटें हासिल की हैं। ऐसे में पार्टी अब अपने समर्थित विजेता प्रत्याशियों के साथ-साथ निर्दलीय सदस्यों को भी अपने पक्ष में करने के प्रयासों में जुट गई है।
सोमवार को उत्तरकाशी जिले के 20 निर्वाचित जिला पंचायत सदस्य मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात करने देहरादून पहुंचे। इससे पहले रुद्रप्रयाग के प्रतिनिधि भी सीएम से मिल चुके हैं। मुख्यमंत्री आवास में भाजपा समर्थित नेताओं के साथ-साथ कई अन्य जिलों के प्रतिनिधि भी समर्थन देने या रणनीति तय करने पहुंचे।
भाजपा अब हर जिले में अपने समर्थन को मजबूत करने के लिए मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं को सक्रिय भूमिका में ला रही है। देहरादून समेत कई जिलों में विशेष रणनीति तैयार की गई है, ताकि जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में बहुमत सुनिश्चित किया जा सके।
इस बीच, जिला पंचायत अध्यक्ष पदों के आरक्षण की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है। पिछले चुनाव में भाजपा ने 12 में से 10 जिलों में अपना बोर्ड बनाया था। इस बार पार्टी ने सभी 12 जिलों में जीत हासिल करने का लक्ष्य रखा है।
भाजपा की नजर जिला पंचायत चुनाव की ‘शतरंज’ के हर मोहरे पर है। संगठन अब हर संभावित समीकरण को ध्यान में रखते हुए रणनीति बना रहा है, ताकि पंचायत स्तर पर भी अपना दबदबा कायम रखा जा सके।
