राज्यसभा में केंद्र का जवाब – Apnu Uttarakhand
जल जीवन मिशन के अंतर्गत उत्तराखंड के प्रत्येक ग्रामीण घर में इस वर्ष दिसंबर तक नल के माध्यम से जल आपूर्ति सुनिश्चित कर दी जाएगी। यह जानकारी राज्यसभा सांसद और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के सवाल के जवाब में केंद्रीय जल शक्ति राज्यमंत्री वी. सोमण्णा ने लिखित उत्तर में दी। उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन केंद्र और राज्य सरकारों की सहभागिता से संचालित हो रहा है, जिसका उद्देश्य देश के सभी ग्रामीण परिवारों को नल से स्वच्छ जल उपलब्ध कराना है।
उत्तराखंड में इस मिशन की शुरुआत अगस्त 2019 में हुई थी। उस समय केवल 1.30 लाख (लगभग 9%) ग्रामीण परिवारों को ही नल जल कनेक्शन प्राप्त था। इसके बाद लगातार प्रयासों के माध्यम से अब तक 12.84 लाख नए ग्रामीण परिवारों को जल जीवन मिशन के तहत कनेक्शन उपलब्ध कराए जा चुके हैं। 22 जुलाई 2025 तक कुल 14.49 लाख ग्रामीण परिवारों में से 14.14 लाख (97.63%) परिवारों को नल से जल मिल रहा है। केंद्र का कहना है कि शेष बचे परिवारों को भी दिसंबर 2025 तक जल आपूर्ति सुनिश्चित कर दी जाएगी।
राज्यसभा सत्र के दौरान भट्ट द्वारा पूछे गए अन्य सवालों के जवाब में कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री रामनाथ ठाकुर ने बताया कि वर्ष 2020-21 से 2024-25 के बीच प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत उत्तराखंड के 6.85 लाख किसानों को लाभ मिला है। इस अवधि में किसानों को कुल 965.7 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति दी गई।
वहीं, नागर विमानन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने बताया कि उत्तराखंड में संचालित 13 हवाई अड्डों और हेलिपोर्ट को जोड़ने वाले 60 आरसीएस (रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम) रूट वर्तमान में संचालित हैं, जिससे राज्य की हवाई सेवाओं को और बेहतर किया जा रहा है।
